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TRIVENI TYPING MANSAROVAR COMPLEX CHHINDWARA MOB-7089973746
created Jan 22nd, 03:55 by sahulokesh
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कौन नहीं चाहता कि दक्षिण एशिया के देश गुरबत से निकलें, पर इसके लिए जरूरी है कि हम एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ें। भक्ति कोई क्रिया-कलाप नहीं है। यह किसी एक या दूसरी चीज की ओर नहीं होती; भक्ति किसके प्रति है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। बस, इतना ही है कि भक्ति में आप अपने भीतर के सारे विरोध विसर्जित कर देते हैं, जिससे चैतन्य सांसों की तरह बह सके। ईश्वर ऊपर बैठी कोई इकाई नहीं है। यह आपके जीवन में हर पल मौजूद एक जीवंत शक्ति है। एक कैथोलिक परिवार के घर रात के खाने के वक्त परिवार का मुखिया टेबल पर आया, खाने की तरफ देखा, हमेशा की तरह भुनभुनाया और अपनी पत्नी व आस-पास की हर चीज को कोसा। जब कोसना पूरा हुआ और सब अपनी-अपनी जगह बैठ गए, तब वह भी बैठा और प्रार्थना करते हुए बोला, हे ईश्वर, आज का भोजन और टेबल पर मौजूद सारी अच्छी चीजें देने के लिए धन्यवाद। वहां पांच साल की एक बच्ची भी बैठी थी। आपने देखा होगा, नन्हे बच्चों के लिए हमेशा एक तकिया या कुशन कुर्सी पर रखा जाता है, ताकि वे टेबल तक पहुंच सकें, फिर भी प्लेट तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल होता है। उस पांच साल की बच्ची ने टेबल से अपना चेहरा ऊपर लाकर कहा, डैडी, क्या ईश्वर हमेशा हमारी प्रार्थनाएं सुनते हैं? पिता ने कहा, हां, क्यों नहीं? हम जितनी भी प्रार्थना करते हैं, वह हमेशा उन्हें सुनता है। तब वह लड़की नीचे हो गई, क्योंकि वह विचारों में डूब गई थी। कुछ देर बाद वह ऊपर उचकी और पूछा, डैडी, क्या वह दूसरी बातें भी सुनता है, जो हम कहते हैं? पिता ने दोहराया, हां, ईश्वर हमारे जीवन के हर पल में होने वाली उन सभी बातों को देखता और सुनता है, जो हम कहते हैं या करते हैं। बच्ची
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